पुलवामा हमला : 350KG विस्फोटक छुपाने में मदरसे ने दी थी आतंकी को मदद

14 फरवरी 2019 पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था यह दिन भारत के इतिहास में कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. उस दिन क्या हुआ था यह आज भी शक के घेरे में है. परंतु नुकसान भारत सरकार का हुआ था भारतीय सेना का हुआ था भारतीय लोगों का हुआ था. कई नेताओं ने इसमें भारत के ही कुछ लोगों की मिलीभगत का आरोप भी लगाया.

पुलवामा आतंकी हमला

जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय सुरक्षा कर्मियों को ले जाने वाले सी०आर०पी०एफ० के वाहनों के काफिले पर हमला हुआ, जिसमें 45 भारतीय सुरक्षा कर्मियों की जान गयी थी। यह हमला जम्मू और कश्मीर के पुलवामा ज़िले के अवन्तिपोरा के निकट लेथपोरा इलाके में हुआ था।

इस हमले में एक फिदायीन आतंकवादी ने इस्लाम के खातिर कार में लगभग 350 किलो विस्फोटक लेकर भारतीय सुरक्षा जवानों के काफिले के बीच घुसकर विस्फोट कर दिया था.

हाफिज सईद के आतंकी संगठन ने स्वीकार किया कि यह हमला उसने करवाया है. हाफिज सईद के आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी और बदले में भारत सरकार ने पाक अधिकृत कश्मीर में बसे हुए आतंकी ठिकानों पर बमबारी करके इसका बदला लिया था.

आतंकी का मददगार मदरसा

पुलवामा एक बड़ा आतंकी हमला था जिसमें आतंकवादी के पास 350 किलोग्राम विस्फोटक था और इसके साथ में उसके पास एक कार भी थी. कार में विस्फोटक भरकर सीआरपीएफ के काफिले के बीच में शामिल हो गया और फिर विस्फोट कर दिया. इस हमले में आतंकवादी विस्फोट में खुद भी मारा गया और भारतीय सेना के जवान भी मारे गए.

आतंकवादी को कार मुहैया कराना और 350 किलोग्राम विस्फोटक को हमले से पहले तक छुपा के रखने में क्षेत्रीय मदरसे के द्वारा मदद दी गई. जांच में सामने आया कि स्थानीय मदरसे में बारूद के रखे जाने के निशान मिले. मदरसे के अंदर काफी लंबे समय तक विस्फोटक रखा गया था. इसके बाद उसी विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया.

पहले भी मस्जिद और मदरसों ने की है आतंकियों की मदद

ऐसा पहली बार नहीं है कि किसी मदरसे या मस्जिद की तरफ से आतंकवादी हमले में मदद की गई हो. इससे पहले 19 जनवरी 1990 को कश्मीर से हिंदू और सिख तथा बुध की आबादी पर मजहबी अत्याचार और कत्ल किए गए थे. उनके परिवार जान बचाने के लिए कश्मीर छोड़कर भागने पर विवश हो गए.

इस कार्य में भी मस्जिदों के माइक से एलान किए गए थे धमकियां दी गई थी की कश्मीर छोड़ कर भाग जाओ. भारत सरकार को आतंकवाद की जड़ और आतंकवाद की सहायक संस्थाओं को चिन्हित करके मिटाना चाहिए वरना ऐसे हमले होते रहेंगे, और जान जाती रहेगी भारतीय जनता और भारतीय जवानों की.

8 thoughts on “पुलवामा हमला : 350KG विस्फोटक छुपाने में मदरसे ने दी थी आतंकी को मदद”

  1. BABBAR was a LOOTERA who LOOTED INDIA. The MUSLIMS TERRORISTS who continue the BARBARIC ACTIONS will be taught by INDARMY .
    JAIHIND

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    • Ye india hai… Yahan pehle saalo saal case chalega, fir opposition parties accha se accha wakil karegi..
      BJP pe dharmnirpekshta ka aarop lagega.. Juloos niklega… Desh mai danga hoga..

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    • कुरान की कसम था जब तक भारत का एक हिस्सा मुस्लिम मुल्क नहीं बन जाता हम हर तरीके से कोशिश करते रहेंगे. मुसलमान की ताकत को कम मत समझना कभी भी जब चाहे तुम सबको खत्म कर देंगे.

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  2. Saale tumhare khoon me hi hai gaddari madarchod tumhari galti nahi hi sun le madarchod ab pahle jaise nahi rahe hindu ki sote rahenge gajar mooli ki tarah kaate jaoge tum tumhare bachche aur unke bhi bachche tumhari kaum ko mita diya jayega is desh se

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