हमारी बेटियों को नंगा कर दिया दंगाइयों ने, कपड़े उतारकर अश्लील हरकतें की – करावल नगर दिल्ली रिपोर्ट

पूर्वी उत्तर दिल्ली में जो कुछ भी हुआ उसका डर वहां के हिंदुओं में अभी दिखाई दे रहा है. इस भीषण दंगे की शुरुआत में सबसे पहले एक दलित पुलिसकर्मी रतन लाल मीणा की शाहरुख नाम के इस्लामी आतंकवादी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके बाद हत्याओं का सिलसिला बढ़ता चला गया और अनेकों बुरे अपराध हिंदुओं और दलित हिंदुओं को सहने पड़े.

दंगाइयों ने महिलाओं और बच्चियों को भी नहीं बख्शा. करावल नगर की ग्राउंड रिपोर्ट में पता चला की शैतानियां की हदें पार कर दी गई है. ये वही इलाका है जहां ताहिर हुसैन की इमारत है जो दंगे का सबसे बड़ा केंद्र रही है. इसी ईमारत में बम बारूद तेजाब पत्थर और पेट्रोल बम इत्यादि का इंतजाम किया गया था और दंगे में इस्तेमाल किया गया. वही इलाका है जहां लगभग 35 से ऊपर दलित हिंदुओं को मारकर नाले में उनकी लाशें डाल दी गई.

इलाके के हिंदुओं में काफी डर का माहौल है ऐसे ही एक दरवाजे पर हमारी नजर पड़ी गेट के दूसरी तरफ दर्जनों लोग डरी हुई आंखों से रोड पर मीडिया और पुलिसकर्मियों की गतिविधि देख रहे थे और मदद की उम्मीद कर रहे थे.

पूछने पर उन्हीं में से एक महिला ने हमें बताया, ” हमने ऐसा सोचा तक नहीं था कि हमारे पड़ोसी हम पर हमला करेंगे. हमारा इनसे हमेशा एक अच्छे पड़ोसी वाला भाईचारा वाला व्यवहार रहा है. जब हम कश्मीर की कहानियां सुनते थे तब हमें विश्वास नहीं होता था परंतु कल हमारे पड़ोसियों ने ही हम पर हमला कर दिया. उन्होंने हमारी बच्चियों को भी नहीं छोड़ा इंस्टिट्यूशन से वापस आती हुई हमारी लड़कियों को रोक लिया और उन्हें नंगा करके भेजा. बताते हुए कलेजा फट रहा है”

एक अन्य महिला ज्योति ने बताया, ” जब हमारे घरों पर तेजाब पत्थर और पेट्रोल बम फेंके जा रहे थे. तब हमें एहसास हुआ कि जिन्हें अपना पड़ोसी समझ रखे थे उन्होंने तो हमें मारने की पूरी तैयारी कर रखी थी. जिन्हें हमने वोट देकर जिताया वही ताहिर हुसैन अपनी बिल्डिंग से अनेकों लोगों के साथ अगल-बगल हमारे घरों पर पत्थरबाजी और पेट्रोल बम फेंक रहे थे हमारे कई लोगों को बहुत ही ज्यादा गंभीर चोटें आई हैं कुछ का तो बचना भी मुश्किल है. इंसानियत से विश्वास उठ गया है मेरा”

क्षेत्र के लोगों ने अपील की कि राज्य सरकार पर उन्हें बिल्कुल भरोसा नहीं रहा है केंद्र सरकार उनकी सुरक्षा मजबूत करें. वरना कश्मीर की तरह उन्हें दिल्ली के इन इलाकों से पलायन करना पड़ सकता है.

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