प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत योजना, 20 लाख करोड़ का बजट कैसे मिलेगा योजना का लाभ? जानिए पूरी जानकारी

कोरोनावायरस की महामारी के समय भारत की स्थिति सुधारने के लिए और प्रत्येक व्यक्ति तथा व्यवसाय को मजबूत बनाने के लिए, सीधे तौर पर कहे तो कोरोनावायरस के इस संकट को भारतीयों के लिए एक अच्छे अवसर में बदलने के लिए भारत सरकार के द्वारा ” आत्मनिर्भर भारत योजना” शुरू की गई है. इस योजना में कई ऐसे पहलू है जिनकी वजह से सरकार लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी. और इस योजना को साकार रूप देने के लिए सरकार के द्वारा 20 लाख करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है. कई चरणों में यह बजट धीरे-धीरे अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग सुविधाओं में खर्च किया जाएगा. आइए जानते हैं आत्मनिर्भर भारत योजना और 20 लाख करोड़ रुपए के इस बजट का किस प्रकार इस्तेमाल किया जाएगा और इससे किस-किस को लाभ मिलेगा.

20 लाख करोड़ यह बजट आत्मनिर्भर भारत योजना गरीब कल्याण योजना और इस जैसी अन्य तमाम योजनाओं पर जनमानस पर खर्च किया जा रहा है. तो आइए इस गणित को ठीक से समझते हैं.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि गरीब कल्याण योजना के तहत गरीबों को कोटेदार के द्वारा और अलग सामाजिक इकाइयों के द्वारा मुफ्त में राशन प्रदान किया जा रहा है. साथ ही जनधन खाता धारक नागरिकों के अकाउंट में प्रतिमाह ₹500 भेजे जा रहे हैं.

आत्मनिर्भर भारत योजना

आधुनिक भारत योजना शुरू करने का सरकार का एकमात्र उद्देश्य यह है कि लाख डाउन की वजह से काफी कंपनियों में उत्पादन कार्य रुक गया है इसकी वजह रोजगार भी कम हो गए हैं और उत्पादन चयन कमजोर हो रही है. किसी को मजबूत करने के लिए सरकार ने फैसला लिया है कि हर इच्छुक व्यक्ति को खुद अपने क्षेत्र में लोकल बिजनेस करने के लिए सरकारी मदद दी जाएगी. ऐसा होने से उस व्यक्ति के द्वारा उस क्षेत्र के लोगों को रोजगार भी मिलेगा. इसके साथ ही खाद्य पदार्थों और वस्तुओं की आपूर्ति भी उस क्षेत्र में अच्छे से हो जाया करेगी. इस योजना के तहत भारत के जितने भी हिस्सों में लोग खुद का कार्य चालू कर देंगे तो उस क्षेत्र में रोजगार और खाद्य पदार्थों की आपूर्ति ठीक तरह से होती रहेगी.

गरीब कल्याण योजना और आत्मनिर्भर भारत योजना का रूप प्रदान करने के लिए 20 लाख करोड़ रुपए का बजट खर्च किया जा रहा है. गरीब कल्याण योजना तो भारत के संपूर्ण क्षेत्रों में लागू हो चुकी है. आत्मनिर्भर योजना भी धीरे-धीरे सभी तक पहुंच रही है.

20 लाख करोड़ रुपए का गणित

कहां खर्चकितना खर्च
पीएम गरीब योजना, स्वास्थ्य के लिए आवंटन और टैक्स छूट1.92 लाख करोड़ रुपए
एमएसएमई सेक्टर और पावर सेक्टर को मदद5.94 लाख करोड़ रुपए
श्रमिकों और कृषि के लिए मदद3.10 लाख करोड़ रुपए
माइक्रो एग्री इन्फ्रा, मत्स्य पशुपालन, मधुमक्खी पालन1.5 लाख करोड़
वीजीएफ, मनरेगा48,100 करोड़ रुपए
आरबीआई की ओर से घोषणा8 लाख करोड़ रुपए
कुल20 लाख 97,063 करोड़ रुपए

आत्मनिर्भर योजना का लाभ कौन आसानी से उठा सकता है?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा शनिवार को 20 लाख करोड़ रुपये आर्थिक पैकेज से संबंधित चौथे चरण की घोषणाएं की गई, लॉक डाउन की वजह से प्रभावित एमएसएमई सेक्टर के लिए कई राहत उपायों की घोषणा की गई है. आज होगा प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपये के इस पैकेज का जिक्र किया था. वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए लोगों से इस पैकेज से जुड़ी जानकारी साझा की.

इस पैकेज के तहत प्रवासी मजदूर, किसानों और स्ट्रीट वेंडर्स यानी सड़क पर सामान बेचने वाले लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण ऐलान किए गए, इसके साथ ही मजदूरों किसानों व पशुपालकों को राहत देने के लिए 11 घोषणाएं की। इनमें से आठ घोषणाएं कृषि एवं पशुपालन संबंधी जरूरी ढांचे के विकास और तीन एलान प्रशासनिक सुधार से जुड़े हुए थे।

इससे पहले शुक्रवार को वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर की उपस्थिति में वित्त मंत्री सीतारमण ने कृषि आधारभूत ढांचे के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये का फंड बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए 5,00 करोड़ रुपये का फंड बनाने की भी एलान किया था। इसके अलावा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मछुआरों के लिए 20,000 करोड़ रुपये का फंड बनाने की भी घोषणा सरकार की ओर से की गई थी।

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